महोबा में, बहू द्वारा दहेज उत्पीड़न का झूठा मुकद्दमा दर्ज कराने और उसके बाद जेल जाने से शर्मशार एक मां ने अपने दो जवान बेटों के साथ कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने लड़के की पत्नी, साले, साली, सास और ससुर के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज किया है। आत्महत्या करने के 24 घंटे बाद तक मां सरमन, बेटे प्रमोद व आमोद के शव पलंग पर पड़े रहे। घर पर कोई हलचल न होने और आवाज देने पर भी कोई जवाब न आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचित किया। 10 जुलाई की रात को पुलिस ने अंदर लगा ताला तोड़कर प्रवेश किया तो उसने तीनों को मृत अवस्था में पडे़ पाया।
पुलिस ने 11 जुलाई को मृतक प्रमोद की पत्नी गायत्री उर्फ प्रेम कुमारी, साले दिलीप, सास फूलकली उर्फ कलावती, साली दयावती तथा ससुर भोलाराम के विरूद्ध धारा 306 के तहत मुकद्दमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस को 12 पृष्ठों का सुसाइड नोट मिला है। इसमें कहा गया है कि प्रमोद की पत्नी प्रेमकुमारी व उसके परिवारजनों द्वारा उनके खिलाफ दहेज उत्पीड़न का झूठा मुकद्दमा पंजीकृत कराया गया था।
(समाचार स्त्रोत: दैनिक सहारा)
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Monday, 14 July 2008
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