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Tuesday, 22 September 2009

प्रेमी के साथ मिलकर बेटी ने की अपने परिवार के 7 लोगों की हत्या

हरियाणा के रोहतक में एक ही परिवार के सात लोगों की निर्मम तरीके से हत्या कर दिए जाने के बाद हुई तफ्तीश में पुलिस को सच का पता चला तो सबके होश उड़ गए। कातिल कोई और नहीं बेटी निकली। कलंकित बेटी सोनम ने अपनी मां के दूध, पिता के प्यार और भाई-बहनों की मासूमियत का भी ख्याल नहीं किया। पूरे घर के सदस्यों को तड़पा-तड़पा कर मार डाला। जिस मां-बाप की गोद में बचपन बिताया उन्हें मौत के घाट उतारने में एक पल तक नहीं लगाया। सोनम ने हैवानियत की ये हद अपने प्रेमी नवीन को पाने के लिए पार की। और इस पूरी घटना को अंजाम देने में नवीन ने सोनम का बखूबी साथ दिया।

योजना के तहत सोनम ने खाने में नशीली गोलियां मिली दी। जब पूरा परिवार बेहोश हो गया तो तब दोनों ने मिलकर एक के बाद एक, माता-पिता सुरेंद्र और प्रोमिला, दादी भूरी, भाई अरविंद और तीन नाबालिग भाई-बहन विशाल, सोनिका और मोनिका, कुल सात जनों की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। यही नहीं, योजना के अनुसार सोनम ने भी बाद में वही खाना खाया जिससे वो बेहोश हो गई और उसे रोहतक के पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन जब जांच किया गया तो पता चला कि उसके दूध में जहर नहीं मिला था। लड़की के दादा तकदीरसिंह बच गए, क्योंकि उन्होंने बहुत कम खाना खाया था। वे जाहिर तौर पर इसलिए बच गए, क्योंकि वे घर के बाहर सो रहे थे।

दरअसल नवीन और सोनम के बीच लगभग एक साल से प्रेम संबंध था। पिछले साल 3 सितंबर को दोनों ने चुपचाप शादी भी कर ली। जब सोनम के घरवालों को प्रेम संबंध के बारे में पता चला तो उन्होंने सोनम पर निगरानी बढ़ा दी। घर वालों को सोनम का नवीन से मिलना जुलना पसंद नहीं था। सोनम के मां-बाप और दादी इस रिश्ते के आड़े आने लगे। लेकिन सोनम और नवीन किसी कीमत पर एक होना चाहते थे। प्यार का जुनून इनपर ऐसा सवार हुआ कि ये हैवानियत की हद पार कर गए। दोनों ने तय किया कि अगर घर वाले इन्हें मिलने नहीं देंगे तो फिर उन्हीं को रास्ते से हटाना जरूरी है।

और फिर 14 सितंबर की रात इन्होंने वारदात को अंजाम दे दिया।

दरअसल नवीन भी उसी गांव का रहने वाला है जिस गांव की सोनम है। और दोनों का गोत्र भी एक ही है। ऐसे में एक ही गोत्र में शादी को लेकर घर वाले कभी राजी नहीं हो सकते थे।

हत्याकांड के खुलासे ने जनमानस को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। आखिर यह कैसा प्रेम जो किसी में इतनी घृणा भर दे कि वह अपना खानदान ही खत्म कर डाले। हाल में घटी कई अन्य घटनाएं बता रही हैं कि बेटियां हत्यारिन बन रही हैं। वस्तुस्थिति यह है कि फैशन की चकाचौंध और फिल्मी दुनिया की रंगीनियों से भटक चुकी इन लड़कियों को उनके नैतिक कर्तव्य, शिक्षा, करियर के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है।