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Friday, 5 September 2008

एक सच्ची घटना, जिसके सामने एकता कपूर के सीरियल भी फेल!

गुड़गांव में एक लड़की ने खराब दिमागी हालत वाले लड़के से उसकी मजबूत आर्थिक स्थिति देखते हुए शादी कर ली और चार महीने के अंदर ही प्रॉपर्टी के लालच में अपने परिवारजनों संग मिलकर सास-ससुर की हत्या की साजिश रच डाली। साजिश में शामिल ससुर के ड्राइवर ने योजना को अंजाम दिए जाने से पहले ही मालिक के सामने इसका खुलासा कर दिया और फिर कवायद शुरू हुई बहू के खिलाफ सबूत जुटाने की। ड्राइवर ने बहू का फोन टेप किया और विडियो फिल्म भी बनाई। सबूतों के साथ ससुर पुलिस के पास पहुंचे और 3 सितम्बर को साजिशकर्ता गिरफ्त में आए।

खबरों के मुताबिक आदर्श नगर दिल्ली निवासी कृष्णा देवी ने अपनी बेटी शिल्पी की शादी इसी साल 27 अप्रैल को सेक्टर 23 में रहने वाले रिटायर्ड कर्नल राजीव कुमार गोयल के बेटे कपिल गोयल के साथ की थी। पुलिस के मुताबिक कपिल की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसे नियमित अंतराल पर फिजियोथैरपी के लिए डॉक्टर के पास ले जाना पड़ता है। शिल्पी को शादी से पहले इस बारे में बता दिया गया था और उसकी रजामंदी से ही शादी हुई, लेकिन एक महीने बाद ही वह कपिल से अलग रहने लगी। घर में मनमानी करने पर उसकी कई बार सास-ससुर से झड़प भी हुई। इसके बाद शिल्पी उन दोनों को रास्ते से हटाने की योजना बनाने लगी। इसमें शिल्पी ने अपनी मां कृष्णा और भाई सचिन के अलावा ससुर के ड्राइवर अशोक को भी 40 लाख रुपये का लालच देकर शामिल कर लिया। योजना के मुताबिक कर्नल व उनकी पत्नी को गाड़ी से एक्सीडेंट करके मारना था। अगस्त में ड्राइवर का हृदय परिवर्तन हुआ और उसने सारा किस्सा अपने मालिक के सामने खोल दिया।

इसके बाद फिल्मी अंदाज में गोयल और अशोक ने बहू की साजिश के सबूत जुटाने शुरू किए। सबसे पहले ड्राइवर व शिल्पी की फोन पर होने वाली बातचीत को टेप किया गया। इसके बाद उस होंडा सिटी कार में कैमरे फिट किए गए, जिसमें कर्नल व उनकी पत्नी कपिल को थैरपी के लिए डॉक्टर के पास लेकर जाया करते थे। ड्राइवर ने गाड़ी में ही शिल्पी से साजिश के बारे में बात कर डाली, जिससे विडियो क्लिप का सबूत तैयार हो गया। कर्नल ने 20 अगस्त को पुलिस के आला अधिकारियों से मिलकर सारी कहानी सबूत के साथ पेश की।

थाना पालम विहार पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी और बुधवार को शिल्पी, उसकी मां और भाई को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को एडिशनल चीफ ज्युडिशियल मैजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस शिल्पी के मोबाइल फोन की बरामदगी के प्रयास कर रही है।

Wednesday, 9 July 2008

अपना बच्चा बेच दिया, पति का श्राद्ध कराने के लिए

बिहार में एक गरीब महिला ने पति के श्राद्ध के लिए अपने जिगर के टुकड़े का सौदा कर लिया। बच्चा डेढ़ महीने का है। पुलिस ने बच्चे को एक बेऔलाद दंपति के हाथों में सौंपने से पहले ही महिला को पकड़ लिया। 20 वर्षीय पार्वती (बदला हुआ नाम) गया शहर के पटवा टोली की बताई गई है। सिविल लाइंस थाने के ऑफिसर इंचार्ज चंद्रशेखर प्रसाद सिन्हा ने बताया कि उसके साथ दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों में उसका पड़ोसी नूरमणि सूरदास भी है जिसने बच्चे के लिए 10 हजार रुपए दिए थे।

सिन्हा के मुताबिक पुलिस ने इन लोगों को गया कोर्ट परिसर में गिरफ्तार किया। ये लोग कागजी कार्रवाई के लिए गए थे। पार्वती के पति राजकुमार साव की कुछ दिन पहले ट्रेन से कट कर मृत्यु हो गई थी। नवभारत टाइम्स की ख़बर के अनुसार, पैसे न होने के कारण वह बच्चे को बेच कर पति का श्राद्ध करना चाहती थी। उसने पुलिस को बताया कि सूरदास ने उसे बच्चे के लिए 10 हजार रुपए दिए थे।