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Friday, 12 September 2008

प्रेमी के साथ मिलकर पति को मार डाला और लाश के पास ही रंगरेलियाँ मनायी

इश्क व हवस की भूख में अंधी एक विवाहिता ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति का गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद महिला ने अपने पति की लाश के पास ही प्रेमी के साथ रंगरेलिया मनाकर बेशर्मी की सारी हदें पार कर दीं। पति की चाची कोयल के जाग जाने पर उसका प्रेमी भाग निकला। पुलिस ने कोयल की शिकायत पर महिला व उसके प्रेमी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर महिला को गिरफ्तार कर लिया है जबकि प्रेमी फरार है।

यह मामला गुड़गांव, खंड पटौदी के गांव खोड का है। 32 वर्षीय प्रकाश मजदूरी का काम करता था। उसके तीन बच्चे हैं। उसकी पत्नी सुशीला का पड़ोसी आजाद के साथ नाजायज संबध थे। इसको लेकर प्रकाश व सुशीला में आए दिन झगड़ा होता रहता था। इस बीच सुशीला व आजाद ने अपने प्यार के बीच रोड़ा बनने वाले प्रकाश को हटाने की योजना बना डाली। 10 सितम्बर की रात जब प्रकाश सो रहा था, तो सुशीला ने अपने प्रेमी को बुला लिया व सोते हुए प्रकाश का बेल्ट से गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद इश्क में अंधी सुशीला व आजाद ने प्रकाश की लाश के पास ही हवस का नंगा नाच खेला। इस बीच मृतक की चाची कोयल जाग गई। पास से सुशीला के छोटे लड़के के रोने की आवाज आ रही थी। जब वह काफी देर तक चुप नहीं हुआ तो कोयल प्रकाश के कमरे की ओर गई तो वहां का नजारा देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। एक तरफ प्रकाश की लाश पड़ी थी तो दूसरी ओर सुशीला एक आदमी के साथ रंगरेलियां मना रही थी। परिजनों को आता देखकर आजाद मौके से फरार हो गया।

इस दौरान सुशीला ने परिजनों को बताया कि उसने व आजाद ने प्रकाश की गला दबाकर हत्या कर दी है। पुलिस ने कोयल की शिकायत पर सुशीला व उसके प्रेमी आजाद के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर सुशीला को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसका प्रेमी अभी फरार है।
(विभिन्न समाचार माध्यमों द्वारा)

Friday, 5 September 2008

एक सच्ची घटना, जिसके सामने एकता कपूर के सीरियल भी फेल!

गुड़गांव में एक लड़की ने खराब दिमागी हालत वाले लड़के से उसकी मजबूत आर्थिक स्थिति देखते हुए शादी कर ली और चार महीने के अंदर ही प्रॉपर्टी के लालच में अपने परिवारजनों संग मिलकर सास-ससुर की हत्या की साजिश रच डाली। साजिश में शामिल ससुर के ड्राइवर ने योजना को अंजाम दिए जाने से पहले ही मालिक के सामने इसका खुलासा कर दिया और फिर कवायद शुरू हुई बहू के खिलाफ सबूत जुटाने की। ड्राइवर ने बहू का फोन टेप किया और विडियो फिल्म भी बनाई। सबूतों के साथ ससुर पुलिस के पास पहुंचे और 3 सितम्बर को साजिशकर्ता गिरफ्त में आए।

खबरों के मुताबिक आदर्श नगर दिल्ली निवासी कृष्णा देवी ने अपनी बेटी शिल्पी की शादी इसी साल 27 अप्रैल को सेक्टर 23 में रहने वाले रिटायर्ड कर्नल राजीव कुमार गोयल के बेटे कपिल गोयल के साथ की थी। पुलिस के मुताबिक कपिल की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसे नियमित अंतराल पर फिजियोथैरपी के लिए डॉक्टर के पास ले जाना पड़ता है। शिल्पी को शादी से पहले इस बारे में बता दिया गया था और उसकी रजामंदी से ही शादी हुई, लेकिन एक महीने बाद ही वह कपिल से अलग रहने लगी। घर में मनमानी करने पर उसकी कई बार सास-ससुर से झड़प भी हुई। इसके बाद शिल्पी उन दोनों को रास्ते से हटाने की योजना बनाने लगी। इसमें शिल्पी ने अपनी मां कृष्णा और भाई सचिन के अलावा ससुर के ड्राइवर अशोक को भी 40 लाख रुपये का लालच देकर शामिल कर लिया। योजना के मुताबिक कर्नल व उनकी पत्नी को गाड़ी से एक्सीडेंट करके मारना था। अगस्त में ड्राइवर का हृदय परिवर्तन हुआ और उसने सारा किस्सा अपने मालिक के सामने खोल दिया।

इसके बाद फिल्मी अंदाज में गोयल और अशोक ने बहू की साजिश के सबूत जुटाने शुरू किए। सबसे पहले ड्राइवर व शिल्पी की फोन पर होने वाली बातचीत को टेप किया गया। इसके बाद उस होंडा सिटी कार में कैमरे फिट किए गए, जिसमें कर्नल व उनकी पत्नी कपिल को थैरपी के लिए डॉक्टर के पास लेकर जाया करते थे। ड्राइवर ने गाड़ी में ही शिल्पी से साजिश के बारे में बात कर डाली, जिससे विडियो क्लिप का सबूत तैयार हो गया। कर्नल ने 20 अगस्त को पुलिस के आला अधिकारियों से मिलकर सारी कहानी सबूत के साथ पेश की।

थाना पालम विहार पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी और बुधवार को शिल्पी, उसकी मां और भाई को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को एडिशनल चीफ ज्युडिशियल मैजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस शिल्पी के मोबाइल फोन की बरामदगी के प्रयास कर रही है।

Wednesday, 9 July 2008

अपना बच्चा बेच दिया, पति का श्राद्ध कराने के लिए

बिहार में एक गरीब महिला ने पति के श्राद्ध के लिए अपने जिगर के टुकड़े का सौदा कर लिया। बच्चा डेढ़ महीने का है। पुलिस ने बच्चे को एक बेऔलाद दंपति के हाथों में सौंपने से पहले ही महिला को पकड़ लिया। 20 वर्षीय पार्वती (बदला हुआ नाम) गया शहर के पटवा टोली की बताई गई है। सिविल लाइंस थाने के ऑफिसर इंचार्ज चंद्रशेखर प्रसाद सिन्हा ने बताया कि उसके साथ दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों में उसका पड़ोसी नूरमणि सूरदास भी है जिसने बच्चे के लिए 10 हजार रुपए दिए थे।

सिन्हा के मुताबिक पुलिस ने इन लोगों को गया कोर्ट परिसर में गिरफ्तार किया। ये लोग कागजी कार्रवाई के लिए गए थे। पार्वती के पति राजकुमार साव की कुछ दिन पहले ट्रेन से कट कर मृत्यु हो गई थी। नवभारत टाइम्स की ख़बर के अनुसार, पैसे न होने के कारण वह बच्चे को बेच कर पति का श्राद्ध करना चाहती थी। उसने पुलिस को बताया कि सूरदास ने उसे बच्चे के लिए 10 हजार रुपए दिए थे।

Sunday, 8 June 2008

दो करोड़ की धोखाधड़ी में युवती गिरफ्तार

बीएसएनएल के साथ दो करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में कोलकाता खुफिया पुलिस ने मुंबई के मशहूर लोखण्डवाला काम्पलेक्स से एक युवती को गिरफ्तार किया है। उसका नाम बिजीता शेट्ठी है और वह पेशे से कम्प्यूटर इंजीनियर है। चार जून को मुम्बई से गिरफ्तार करने के बाद खुफिया पुलिस उसे शनिवार को कोलकाता ला कर अलीपुर कोर्ट में पेश किय, जहां न्यायाधीश ने अंतरिम जमानत पर उसे रिहा कर दिया। आगामी 12 जून को न्यायाधीश ने उसे पुन: कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है।

दैनिक जागरण के अनुसार, बिजीता शेट्ठी के खिलाफ बीएसएनएल ने वर्ष 2003 में शिकायत की थी कि उसकी कंपनी बीएसएनएल के सेटेलाइट के माध्यम से बड़े-बड़े शहरों में अपनी कंपनी खोल कर विदेशों में टेलीफोन काल, ईमेल और इंटनेट का धंधा चला रही है। खुफिया पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि वर्ष 2000 से 2002 तक यह कारोबार चलाने के बावजूद बीएसएनएल को एक रुपये भी नहीं दिये जबकि करीब दो करोड़ की रकम हो गयी थी। मामला प्रकाश में आने के बाद बिजीता फरार हो गयी। कुछ दिन पहले पता चला कि उसे मुम्बई में देखा गया है और उसका लोखण्डवाला कम्लेक्स में एक बड़ा फ्लैट है। मंगलवार को कोलकाता पुलिस की विशेष टीम मुम्बई पहुंची और बुधवार को सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने बाद उसे स्थानीय कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमाण्ड पर लेकर पुलिस कोलकाता ले आया गया और अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया जहां न्यायाधीश ने उसकी अर्जी मंजूर करते हुए अंतरिम जमानत दे दी।