कुछ और भी तलाशें
Tuesday, 6 January 2009
पति के अवैध संबंधों के बारे में पता चला तो उसके गुप्तांग ही जला दिए!
दक्षिण ऑस्ट्रेलियाई शहर एडीलेड में रहने वाले भारतीय मूल के सतीश नारायण की पत्नी रजनी नारायण ने यह बात कबूल कर ली है कि उसने अपने पति के गुप्त अंगो को जलाने की कोशिश की थी। रजनी ने अपने पड़ोसियों को बताया कि जब उसे पति के अवैध संबंधों के बारे में पता चला तो गुस्से में उसने उन्हें जलाने की कोशिश की थी। उसने कहा कि उसे इस बात का बिलकुल भी अंदाजा नहीं था कि इससे उसके पति सतीश की मौत हो जाएगी।
रजनी ने पड़ोसियों को बताया था कि उसके पति का किसी दूसरी औरत के साथ अंतरंग संबंध थे, जबकि पत्नी होने के नाते पति के शरीर पर सिर्फ पत्नी का हक है। रजनी के वकील ने अदालत से अपील की है कि उसे मनोचिकित्सक से जांच के बाद जमानत दे दी जाए। गौरतलब है कि रजनी पर पहले हत्या के प्रयास का आरोप लगा था जिसे सतीश की मौत होने के बाद हत्या के आरोप में तब्दील कर दिया गया।
रजनी ने पड़ोसियों को बताया था कि उसके पति का किसी दूसरी औरत के साथ अंतरंग संबंध थे, जबकि पत्नी होने के नाते पति के शरीर पर सिर्फ पत्नी का हक है। रजनी के वकील ने अदालत से अपील की है कि उसे मनोचिकित्सक से जांच के बाद जमानत दे दी जाए। गौरतलब है कि रजनी पर पहले हत्या के प्रयास का आरोप लगा था जिसे सतीश की मौत होने के बाद हत्या के आरोप में तब्दील कर दिया गया।
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Monday, 10 November 2008
दादी ने किया पोती को वेश्यावृत्ति पर मजबूर
एक दादी व उसके दो बेटों पर यह आरोप है कि उन्होंने नाबालिग पोती को जबरन जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल दिया। इस घटना में तीन और लोग भी शामिल हैं। बुटाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर उसकी दादी, दो चाचा सहित 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। आरोपी पिछले दो महीने से नाबालिग को डरा-धमाकर उससे जबरन वेश्यावृत्ति करा रहे थे। नाबालिग दसवीं की छात्रा बताई जा रही है। राष्ट्रीय सहारा में विकास सुखीजा की रिपोर्ट है कि पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल चेकअप करा लिया है। साथ ही अमित गर्ग की अदालत में पेशकर बयान कलमबंद करा दिए हैं। इसके बाद पुलिस ने उसे एसडीएम के समक्ष भी पेश किया जहां पर नाबालिग के कहने पर उसे उसकी बहन को सौंपा गया है।
गांव बैडसाल निवासी स्व. नरेंद्र सिंह की 15 वर्षीय बेटी कविता (बदला हुआ नाम) अपनी बहन के साथ थाने आकर अपनी दादी अमरजीत कौर, चाचा जोगिंद्र सिंह, सर्वजीत सिंह व तीन अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दी कि ये लोग उससे पिछले दो माह से डरा-धमकाकर वेश्यावृति करा रहे हैं। मना करने पर ये लोग उसके साथ मारपीट करते थे। पीड़िता ने बताया कि अभी तक उसके साथ कई दर्जन लोगों ने जबरन शारीरिक सबंधं बनाए हैं। इसी शहर की एक दादी पर अपने पोते-पातियों को जन्म से पहले मार देने का सनसनीखेज आरोप लगा था।
गांव बैडसाल निवासी स्व. नरेंद्र सिंह की 15 वर्षीय बेटी कविता (बदला हुआ नाम) अपनी बहन के साथ थाने आकर अपनी दादी अमरजीत कौर, चाचा जोगिंद्र सिंह, सर्वजीत सिंह व तीन अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दी कि ये लोग उससे पिछले दो माह से डरा-धमकाकर वेश्यावृति करा रहे हैं। मना करने पर ये लोग उसके साथ मारपीट करते थे। पीड़िता ने बताया कि अभी तक उसके साथ कई दर्जन लोगों ने जबरन शारीरिक सबंधं बनाए हैं। इसी शहर की एक दादी पर अपने पोते-पातियों को जन्म से पहले मार देने का सनसनीखेज आरोप लगा था।
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Sunday, 9 November 2008
दादी बनी कंस: आठ बार बहू का गर्भ गिरवाया
राजा कंस की कहानी राजा कर्ण की नगरी में फिर से दोहराई गई है। फर्क केवल इतना है कि उस समय देवकी के बच्चे जन्म ले चुके थे लेकिन इस कहानी में मासूमों को गर्भ के भीतर ही मार दिया गया। बेहद आश्जर्यजनक बात यह है कि इस दरिंदगी को किसी मामा ने नहीं बल्कि एक दादी मां ने अन्धविश्वास के चलते अन्जाम दिया है।
मामला उस समय सामने आया जब एक बार फिर दादी ने अपनी बहू का अपहरण करने के बाद उसके पेट में पल रहे आठ माह के बच्चे का जबरन गर्भपात करा दिया और उसे गंभीर हालत में स्थानीय बस स्टैंड के बाहर फेंककर फरार हो गई। ये उनका आठवां बच्चा था। तांत्रिकों के मकड़जाल में फंसी सास ने आठ बार तांत्रिक सिद्धि से अपनी बहू की कोख में पल रहे बच्चों को पैदा होने से पहले ही मार डाला। आठवां गर्भ गिरने के बाद बेहोशी की हालत में विवाहिता को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आनंद विहार की रहने वाली विवाहिता कांता के बयान दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
अस्पताल में उपचाराधीन विवाहिता कांता के भाई राजेंद्र ने आरोप लगाया कि कांता की सास ने अपने पुत्र के मोह में फंसकर आठ बार गर्भ गिरवाने का काम किया है। किसी तांत्रिक ने कांता की सास को यह कहा था कि अगर वह बच्चे को जन्म देगी तो उसके पुत्र की मृत्यु हो जाएगी। कांता के परिजन बार-बार गर्भ गिरने से काफी हताश थे।
कांता के भाई राजेंद्र का कहना है कि इस बार वह अपनी बहन को राजौंद से करनाल ले आए थे और यहां उसके बच्चे को जन्म देने का मन बनाया था। राजेंद्र का कहना है कि उन्होंने अपनी बहन कांता की शादी करीब 12 वर्ष पहले कैथल जिले के राजौंद निवासी विजय से की थी। उसकी बहन आठ बार गर्भवती हुई, लेकिन एक भी संतान को वह जन्म नहीं दे पाई। राजेंद्र का कहना है कि इस बार उसकी बहन के गर्भ में आठ माह का बच्चा था, लेकिन इस बार भी उसके बच्चे को पैदा होने से पहले ही खत्म कर दिया गया। कांता की सास ने फिर उसकी बहन का अपहरण कर लिया और तांत्रिक सिद्धि से उसके गर्भ को गिरा डाला है। कांता को कार में सवार होकर आए दो व्यक्तियों की मदद से उसकी सास उठाकर ले गई थी। बेहोशी की हालत में उसकी बहन करनाल के बस अड्डे पर मिली। कांता के पति विजय ने भी आशंका जताई है कि उसकी मां ने बच्चों को कोख में ही मारने का काम किया है। पुलिस ने अस्पताल में कांता के बयान दर्ज करने के बाद छानबीन शुरू कर दी है।
मामला उस समय सामने आया जब एक बार फिर दादी ने अपनी बहू का अपहरण करने के बाद उसके पेट में पल रहे आठ माह के बच्चे का जबरन गर्भपात करा दिया और उसे गंभीर हालत में स्थानीय बस स्टैंड के बाहर फेंककर फरार हो गई। ये उनका आठवां बच्चा था। तांत्रिकों के मकड़जाल में फंसी सास ने आठ बार तांत्रिक सिद्धि से अपनी बहू की कोख में पल रहे बच्चों को पैदा होने से पहले ही मार डाला। आठवां गर्भ गिरने के बाद बेहोशी की हालत में विवाहिता को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आनंद विहार की रहने वाली विवाहिता कांता के बयान दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
अस्पताल में उपचाराधीन विवाहिता कांता के भाई राजेंद्र ने आरोप लगाया कि कांता की सास ने अपने पुत्र के मोह में फंसकर आठ बार गर्भ गिरवाने का काम किया है। किसी तांत्रिक ने कांता की सास को यह कहा था कि अगर वह बच्चे को जन्म देगी तो उसके पुत्र की मृत्यु हो जाएगी। कांता के परिजन बार-बार गर्भ गिरने से काफी हताश थे।
कांता के भाई राजेंद्र का कहना है कि इस बार वह अपनी बहन को राजौंद से करनाल ले आए थे और यहां उसके बच्चे को जन्म देने का मन बनाया था। राजेंद्र का कहना है कि उन्होंने अपनी बहन कांता की शादी करीब 12 वर्ष पहले कैथल जिले के राजौंद निवासी विजय से की थी। उसकी बहन आठ बार गर्भवती हुई, लेकिन एक भी संतान को वह जन्म नहीं दे पाई। राजेंद्र का कहना है कि इस बार उसकी बहन के गर्भ में आठ माह का बच्चा था, लेकिन इस बार भी उसके बच्चे को पैदा होने से पहले ही खत्म कर दिया गया। कांता की सास ने फिर उसकी बहन का अपहरण कर लिया और तांत्रिक सिद्धि से उसके गर्भ को गिरा डाला है। कांता को कार में सवार होकर आए दो व्यक्तियों की मदद से उसकी सास उठाकर ले गई थी। बेहोशी की हालत में उसकी बहन करनाल के बस अड्डे पर मिली। कांता के पति विजय ने भी आशंका जताई है कि उसकी मां ने बच्चों को कोख में ही मारने का काम किया है। पुलिस ने अस्पताल में कांता के बयान दर्ज करने के बाद छानबीन शुरू कर दी है।
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Friday, 7 November 2008
बेटा पैदा करने के लिए कोई दबाव नहीं, फिर भी एक माँ ने तीन बेटियों को मार डाला
एक बेटा पैदा करने की चाहत में उड़ीसा के पुरुषोत्तम गांव की एक 31 वर्षीया महिला शुभद्रा दास ने 5 नवम्बर को अपनी 7 वर्षीय बेटी पद्मिनी को नींद में ही घर के पिछवाड़े में बने तालाब में ले जाकर डूबो दिया। इसी तरह उसने अपनी दूसरी बेटी 4 वर्षीया सुमित्रा को भी मार डाला। जब पुलिस को तलाब से दो बच्चियों की लाश मिली, तो उसने शुभद्रा से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान शुभद्रा ने इस बात का खुलासा किया कि, कुछ हफ्ते पहले ही उसने अपनी तीसरी नौ महीने की बच्ची का गला घोंटकर हत्या की है। चौंकाने वाली बात यह है कि शुभद्रा ने ये बात स्वीकार की, उसने अवसाद और परेशानी में ऐसा अमानवीय काम किया। अवसाद से घिरी शुभद्रा ने खुद को भी मारना चाहा, लेकिन वो जिंदा बच गई। शुभद्रा ने कहा कि, “मैंने अपनी तीनों बेटियों को मारने के बाद खुद भी आत्महत्या करने की कोशिश की। लेकिन इसके बावजूद मैं जिंदा बच गई।” पुलिस का कहना है कि शुभद्रा दास पर अपने पति या फिर ससुराल वालों की तरफ से बेटा पैदा करने के लिए कोई दबाव नहीं था।
सीएनएन-आईबीएन पर जजाति करण के अनुसार केन्द्रपाड़ा के उप-प्रभागीय पुलिस अधिकारी जयदेव सारंगी ने कहा कि, “जांच के बाद हमें मालूम चला कि शुभद्रा को इस बात का मलाल था कि बेटा न होने की वजह से उसके परिवार में अंतिम संस्कार कोई नहीं कर पाएगा, और इसी बात से वह काफी परेशान थी।” सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की हत्याएं धार्मिक मान्यताओं के चलते होती है। ऐसे ही एक सामाजिक कार्यकर्ता दीप्ति रंजन दास ने कहा कि, “हमारे यहां ‘पिंड दान’ जैसी कई प्रथाएं हैं जिसे केवल एक बेटा ही सम्पन्न कर सकता है, और ऐसी प्रथाएं ही लोगों को ऐसे अमानवीय कार्य करने के लिए मजबूर करती है।”
जजाति करण का आगे कहना है 'शायद यही वजह है कि शुभ्रदा दास जैसी महिलाएं अपनी तीन बेटियों की हत्या करने के बाद भी एक बूंद आंसू नहीं बहाती हैं।'
Monday, 3 November 2008
चार प्रेमियों की मदद से पति को मार डाला
बिजनौर के ग्राम हिदायतपुर चौहड़वाला निवासी पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य की, उसकी पत्नी ने चार प्रेमियों के साथ हथौड़े से प्रहार कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी महिला को एक प्रेमी समेत गिरफ्तार कर लिया है। उस समय हर कोई हतप्रभ रह गया जब इस शातिर महिला ने न केवल प्रेमी लीला सिंह के साथ रहने की इच्छा जताई बल्कि खुलेआम कहा कि पति की हत्या करने का उसे कोई अफसोस नहीं है। उसने अपने चारों बच्चों से भी नाता तोड़ने का एलान पुलिस के सामने ही कर दिया।
ग्राम हिदायतपुर चौहड़वाला निवासी 50 वर्षीय पूर्व बीडीसी सदस्य परमानंद धीमान की पशुशाला में सोते समय 30 अक्टूबर की रात लगभग 11 बजे हत्या कर दी गई। जांच के दौरान सुराग मिला कि हत्या उसकी पत्नी 47 वर्षीया दयावती ने चार प्रेमियों की मदद से की। पूछताछ में दयावती टूट गई और बताया कि उसने गांव के ही चार प्रेमियों लीला, दलवीर सिंह, हरकेश व करन के साथ मिलकर पति को मौत के घाट उतार दिया। उसने बताया कि अवैध संबंधों को लेकर पति उसे आये दिन डांटता व पीटता था। उससे निजात पाने के लिये ही उसने चारों प्रेमियों के साथ योजना बनाकर हत्या कर दी।
ग्राम हिदायतपुर चौहड़वाला निवासी 50 वर्षीय पूर्व बीडीसी सदस्य परमानंद धीमान की पशुशाला में सोते समय 30 अक्टूबर की रात लगभग 11 बजे हत्या कर दी गई। जांच के दौरान सुराग मिला कि हत्या उसकी पत्नी 47 वर्षीया दयावती ने चार प्रेमियों की मदद से की। पूछताछ में दयावती टूट गई और बताया कि उसने गांव के ही चार प्रेमियों लीला, दलवीर सिंह, हरकेश व करन के साथ मिलकर पति को मौत के घाट उतार दिया। उसने बताया कि अवैध संबंधों को लेकर पति उसे आये दिन डांटता व पीटता था। उससे निजात पाने के लिये ही उसने चारों प्रेमियों के साथ योजना बनाकर हत्या कर दी।
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Wednesday, 22 October 2008
एक बार फिर, ममता को एक कलियुगी मां ने कलंकित किया
एक बार फिर से ममता को एक कलियुगी मां ने कलंकित किया। जम्मू के एसएसजीएस अस्पताल में 20 अक्टूबर को बच्ची का इलाज कराने के बहाने आई एक महिला दूधमुही बच्ची को छोड़कर फरार हो गई। अस्पताल प्रशासन ने उक्त महिला को काफी तलाशा, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। फिलहाल बच्ची को एसओएस होम को सौंप दिया गया है। ममता को शर्मसार करने वाली यह घटना शहर के एसएसजीएस अस्पताल में रविवार रात को घटी।
रविवार रात को एक महिला दस दिन की दुधमुही बच्ची को लेकर पहुंची। उसने अस्पताल के वार्ड नंबर एक में एक महिला को यह कह कर अपनी बच्ची को थमा दिया कि वह उसके लिए दवाई लेने बाहर जा रही है और वह उसका कुछ देर ख्याल रखे। महिला काफी देर तक उस बच्ची को गोद में लिए उसकी मां का इंतजार करती रही और जब वह काफी देर तक नहीं लौटी तो उसे कुछ शक हुआ। बाद में उस महिला ने अस्पताल प्रशासन को इस बारे सूचित किया। अस्पताल प्रशासन ने उस बच्ची की मां को अस्पताल में काफी खोजा, लेकिन वह नहीं मिली। बाद में उन्होंने पुलिस को सूचित किया।
रविवार रात को एक महिला दस दिन की दुधमुही बच्ची को लेकर पहुंची। उसने अस्पताल के वार्ड नंबर एक में एक महिला को यह कह कर अपनी बच्ची को थमा दिया कि वह उसके लिए दवाई लेने बाहर जा रही है और वह उसका कुछ देर ख्याल रखे। महिला काफी देर तक उस बच्ची को गोद में लिए उसकी मां का इंतजार करती रही और जब वह काफी देर तक नहीं लौटी तो उसे कुछ शक हुआ। बाद में उस महिला ने अस्पताल प्रशासन को इस बारे सूचित किया। अस्पताल प्रशासन ने उस बच्ची की मां को अस्पताल में काफी खोजा, लेकिन वह नहीं मिली। बाद में उन्होंने पुलिस को सूचित किया।
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Friday, 12 September 2008
प्रेमी के साथ मिलकर पति को मार डाला और लाश के पास ही रंगरेलियाँ मनायी
इश्क व हवस की भूख में अंधी एक विवाहिता ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति का गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद महिला ने अपने पति की लाश के पास ही प्रेमी के साथ रंगरेलिया मनाकर बेशर्मी की सारी हदें पार कर दीं। पति की चाची कोयल के जाग जाने पर उसका प्रेमी भाग निकला। पुलिस ने कोयल की शिकायत पर महिला व उसके प्रेमी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर महिला को गिरफ्तार कर लिया है जबकि प्रेमी फरार है।
यह मामला गुड़गांव, खंड पटौदी के गांव खोड का है। 32 वर्षीय प्रकाश मजदूरी का काम करता था। उसके तीन बच्चे हैं। उसकी पत्नी सुशीला का पड़ोसी आजाद के साथ नाजायज संबध थे। इसको लेकर प्रकाश व सुशीला में आए दिन झगड़ा होता रहता था। इस बीच सुशीला व आजाद ने अपने प्यार के बीच रोड़ा बनने वाले प्रकाश को हटाने की योजना बना डाली। 10 सितम्बर की रात जब प्रकाश सो रहा था, तो सुशीला ने अपने प्रेमी को बुला लिया व सोते हुए प्रकाश का बेल्ट से गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद इश्क में अंधी सुशीला व आजाद ने प्रकाश की लाश के पास ही हवस का नंगा नाच खेला। इस बीच मृतक की चाची कोयल जाग गई। पास से सुशीला के छोटे लड़के के रोने की आवाज आ रही थी। जब वह काफी देर तक चुप नहीं हुआ तो कोयल प्रकाश के कमरे की ओर गई तो वहां का नजारा देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। एक तरफ प्रकाश की लाश पड़ी थी तो दूसरी ओर सुशीला एक आदमी के साथ रंगरेलियां मना रही थी। परिजनों को आता देखकर आजाद मौके से फरार हो गया।
इस दौरान सुशीला ने परिजनों को बताया कि उसने व आजाद ने प्रकाश की गला दबाकर हत्या कर दी है। पुलिस ने कोयल की शिकायत पर सुशीला व उसके प्रेमी आजाद के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर सुशीला को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसका प्रेमी अभी फरार है।
(विभिन्न समाचार माध्यमों द्वारा)
यह मामला गुड़गांव, खंड पटौदी के गांव खोड का है। 32 वर्षीय प्रकाश मजदूरी का काम करता था। उसके तीन बच्चे हैं। उसकी पत्नी सुशीला का पड़ोसी आजाद के साथ नाजायज संबध थे। इसको लेकर प्रकाश व सुशीला में आए दिन झगड़ा होता रहता था। इस बीच सुशीला व आजाद ने अपने प्यार के बीच रोड़ा बनने वाले प्रकाश को हटाने की योजना बना डाली। 10 सितम्बर की रात जब प्रकाश सो रहा था, तो सुशीला ने अपने प्रेमी को बुला लिया व सोते हुए प्रकाश का बेल्ट से गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद इश्क में अंधी सुशीला व आजाद ने प्रकाश की लाश के पास ही हवस का नंगा नाच खेला। इस बीच मृतक की चाची कोयल जाग गई। पास से सुशीला के छोटे लड़के के रोने की आवाज आ रही थी। जब वह काफी देर तक चुप नहीं हुआ तो कोयल प्रकाश के कमरे की ओर गई तो वहां का नजारा देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। एक तरफ प्रकाश की लाश पड़ी थी तो दूसरी ओर सुशीला एक आदमी के साथ रंगरेलियां मना रही थी। परिजनों को आता देखकर आजाद मौके से फरार हो गया।
इस दौरान सुशीला ने परिजनों को बताया कि उसने व आजाद ने प्रकाश की गला दबाकर हत्या कर दी है। पुलिस ने कोयल की शिकायत पर सुशीला व उसके प्रेमी आजाद के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर सुशीला को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसका प्रेमी अभी फरार है।
(विभिन्न समाचार माध्यमों द्वारा)
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